TTD लड्डू घोटाला: जांच रिपोर्ट में 68 लाख किग्रा मिलावटी घी का खुलासा

TTD लड्डू घोटाला: जांच रिपोर्ट में 68 लाख किग्रा मिलावटी घी का खुलासा

जब भक्त श्री वेंकटेश्वर स्वामी के प्रसिद्ध लड्डू को हाथों-हाथ लेते हैं, तो वे मानते हैं कि यह दिव्य है। लेकिन हाल की जांच रिपोर्ट ने इस विश्वास पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच लगभग 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी, जिसे पाम ऑइल और रासायनिक योजकों से बनाया गया था, TTD को भेजा गया। इसका अनुमानित लेन-देन 250 करोड़ रुपये के करीब है। यह मामला अब सिर्फ गुणवत्ता की चर्चा नहीं रहा, बल्कि एक बड़े राजनीतिक और कानूनी संघर्ष का केंद्र बन गया है।

जांच की गतिविधि और मुख्य आरोपी

CBI के नेतृत्व वाली विशेष जांच दल (SIT) ने जनवरी 2026 में नेल्लोर की ACB अदालत में फाइनल चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट लगभग 15 महीनों की कठिन जांच का परिणाम थी। जांच में उन्नाखंड स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी को धोखाधड़ी का मुख्य केंद्र बताया गया है।

SIT ने डेयरी के निदेशकों पोमिल और विपिन जैन को इस साजिश के मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में नामित किया है। जांच 12 राज्यों में फैली हुई थी, जिसमें TTD के घी अनुबंध से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला, खरीद रिकॉर्ड, प्रयोगशाला रिपोर्ट और वित्तीय प्रवाह का विस्तृत विश्लेषण शामिल था।

प्रशासनिक खामियों का पर्दाफाश

जांच समिति ने यह भी उजागर किया कि यह केवल आपूर्तिकर्ताओं की छलपाई गई गतिविधि नहीं थी, बल्कि TTD की खरीद नीतियों में मौजूद कमजोरियों का भी नतीजा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेंडर प्रक्रिया, आपूर्तिकर्ताओं के चयन और गुणवत्ता जांच में नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया गया।

  • खरीद समिति ने केंद्रीय भूमिका निभाई, जिसने अनियमितताओं पर कोई प्रभावी रोक नहीं लगा सकी।
  • खरीद महाप्रबंधक (Procurement General Manager), जो समिति के संयोजक होते हैं, उनकी अनुपस्थिति ने पूरी प्रक्रिया को और कमजोर कर दिया।
  • नियमों में दी गई ढील और निगरानी में खामियों ने मिलावटी घी की खरीद और उपयोग में सीधा योगदान दिया।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की कार्रवाई

राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की कार्रवाई

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। सरकार पहले ही पूर्व वाईएस जगनमोहन रेड्डी सरकार पर TTD घी मिलावट का आरोप लगा चुकी है।

TTD बोर्ड के चेयरमैन ने दावा किया है कि 'SIT की चार्जशीट में मिलावटी घी की पुष्टि हुई है' और 'जांच में घी में जानवरों की चर्बी के अंश पाए गए थे'। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 20 करोड़ मिलावटी लड्डू बांटे गए। इस दावे ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है, क्योंकि भक्तों के लिए शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है।

अदालतों में चल रही बहस

अदालतों में चल रही बहस

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में लड्डू प्रसाद में पशु चर्बी के उपयोग के खिलाफ पूरे मामले की जांच के लिए SIT गठित किए जाने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2024 को ताजा जांच का आदेश देते हुए पांच सदस्यों की SIT बनाने का निर्देश दिया था।

तिरुपति मंदिर ने लड्डू विवाद के बीच घी की गुणवत्ता जांचने के लिए एक समिति गठित की थी, जिसमें गंभीर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। गुजरात की रिपोर्ट से खलबली मची है और प्रदेश में राजनीतिक घमासान बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions

TTD लड्डू घोटाले में कुल कितनी मिलावटी घी की आपूर्ति हुई?

जांच रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच लगभग 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी की आपूर्ति हुई। इस घी को पाम ऑइल और रासायनिक योजकों से बनाया गया था और इसका अनुमानित मूल्य 250 करोड़ रुपये है।

इस मामले में मुख्य आरोपी कौन हैं?

CBI SIT ने उत्तराखंड स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के निदेशकों पोमिल और विपिन जैन को इस धोखाधड़ी की साजिश के मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में नामित किया है।

TTD की खरीद प्रक्रिया में क्या खामियां मिलीं?

जांच में पाया गया कि टेंडर प्रक्रिया, आपूर्तिकर्ताओं के चयन और गुणवत्ता जांच में नियमों का सख्ती से पालन नहीं हुआ। खरीद महाप्रबंधक की अनुपस्थिति और निगरानी में खामियों ने मिलावटी घी की खरीद में योगदान दिया।

क्या जांच में घी में पशु चर्बी के अंश पाए गए?

TTD बोर्ड के चेयरमैन ने दावा किया है कि जांच में घी में जानवरों की चर्बी के अंश पाए गए थे और करीब 20 करोड़ मिलावटी लड्डू बांटे गए। हालांकि, SIT की चार्जशीट में मुख्य रूप से पाम ऑइल और रासायनिक योजकों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

आंध्र प्रदेश सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई कर सकती है?

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। सरकार पूर्व वाईएस जगनमोहन रेड्डी सरकार पर TTD घी मिलावट का आरोप लगा चुकी है और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी का आकलन कर रही है।

द्वारा लिखित Sudeep Soni

मैं एक वरिष्ठ पत्रकार हूं और मैंने अलग-अलग मीडिया संस्थानों में काम किया है। मैं मुख्य रूप से समाचार क्षेत्र में सक्रिय हूँ, जहाँ मैं दैनिक समाचारों पर लेख लिखने का काम करता हूं। मैं समाज के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग करता हूं और निष्पक्ष सूचना प्रदान करने में यकीन रखता हूं।