MP बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट घोषित: सीएम मोहन यादव ने जारी किए नतीजे

MP बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट घोषित: सीएम मोहन यादव ने जारी किए नतीजे

मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक निवास 'समत्व भवन' से इन परिणामों को जारी किया। यह समय छात्रों के लिए केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि उनके करियर की पहली बड़ी सीढ़ी है, जिसने प्रदेशभर में हलचल मचा दी है।

नतीजों की घोषणा होते ही आधिकारिक वेबसाइटों पर ट्रैफिक का भारी दबाव देखा गया। बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए mpbse.mponline.gov.in और mpresults.nic.in जैसे कई पोर्टल सक्रिय किए हैं। लेकिन यहाँ एक ट्विस्ट है—अक्सर सरकारी साइट्स लोड होने में समय लेती हैं, इसलिए कई छात्र डिजिलॉकर (DigiLocker) और निजी एजुकेशन पोर्टल्स का सहारा ले रहे हैं।

टॉपर और पास प्रतिशत: किसका पलड़ा रहा भारी?

अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो इस बार कक्षा 12वीं के छात्रों ने बाजी मारी है। एमपी बोर्ड परिणाम 2026 मध्य प्रदेश में 12वीं कक्षा का कुल पास प्रतिशत 76.01% रहा, जबकि 10वीं कक्षा में यह आंकड़ा 73.42% दर्ज किया गया। दिलचस्प बात यह है कि कुछ छात्रों ने तो लगभग पूर्णता हासिल कर ली है।

कक्षा 10वीं में प्रतिभा सिंह सोलंकी ने पूरे प्रदेश में अपनी चमक बिखेरी है। पन्ना के सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा ने 500 में से 499 अंक हासिल कर लगभग परफेक्ट स्कोर बनाया है। वहीं, 12वीं कक्षा में खुशी राय का नाम टॉपर्स की सूची में सबसे ऊपर रहा। ये नतीजे बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों के छात्रों ने इस बार कड़ी मेहनत की है।

नियमित बनाम निजी छात्र: एक चौंकाने वाला अंतर

यहाँ एक बात ध्यान देने वाली है। नियमित (Regular) और निजी (Private) छात्रों के प्रदर्शन में जमीन-आसमान का अंतर देखा गया है। यह अंतर थोड़ा परेशान करने वाला भी है क्योंकि यह शिक्षा प्रणाली की पहुंच पर सवाल उठाता है।

  • नियमित छात्र (10वीं): कुल 7,92,789 पंजीकृत छात्रों में से 7,87,733 परीक्षा में बैठे। इनमें से 5,78,328 छात्र पास हुए, जिससे पास प्रतिशत 73.42% रहा। सबसे अच्छी बात यह है कि 4,31,464 छात्रों ने प्रथम श्रेणी (1st Division) हासिल की।
  • निजी छात्र (10वीं): यहाँ कहानी बिल्कुल अलग है। 1,17,734 पंजीकृत छात्रों में से केवल 28,829 छात्र ही पास हो पाए। इनका पास प्रतिशत महज 26.38% रहा, जो काफी चिंताजनक है। करीब 80,426 निजी छात्र इस बार असफल रहे।

परिणाम चेक करने के आसान तरीके

बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी छात्र को उसके नंबर जानने के लिए भटकना न पड़े। सबसे पहला तरीका आधिकारिक वेबसाइट्स हैं जहाँ रोल नंबर और जन्मतिथि डालकर मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है। लेकिन मान लीजिए, आपके पास इंटरनेट नहीं है या नेटवर्क जाम है? तब बोर्ड का SMS विकल्प काम आता है।

बिना इंटरनेट के रिजल्ट जानने के लिए छात्र अपने मोबाइल से "MPBSE10 (रोल नंबर)" (10वीं के लिए) या "MPBSE12 (रोल नंबर)" (12वीं के लिए) लिखकर 56263 नंबर पर भेज सकते हैं। (यह उन इलाकों के लिए वरदान है जहाँ नेटवर्क की समस्या रहती है)।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की राह

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निजी छात्रों के कम पास प्रतिशत का कारण उचित मार्गदर्शन की कमी और संसाधनों का अभाव हो सकता है। नियमित छात्रों का प्रदर्शन स्थिर है, लेकिन निजी छात्रों के लिए विशेष कोचिंग या ब्रिज कोर्स की जरूरत महसूस हो रही है।

अब सवाल यह है कि आगे क्या? जो छात्र पास हुए हैं, वे अब अपनी स्ट्रीम (विज्ञान, वाणिज्य या कला) चुनेंगे। वहीं, असफल हुए या कम अंक पाने वाले छात्रों के लिए बोर्ड द्वारा पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। यह उन छात्रों के लिए एक मौका होगा जिनके नंबरों में कोई गड़बड़ी हुई हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट कब और कैसे घोषित हुआ?

रिजल्ट 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा समत्व भवन से घोषित किया गया। छात्र इसे mpbse.nic.in या mpresults.nic.in जैसी आधिकारिक वेबसाइटों और डिजिलॉकर के माध्यम से देख सकते हैं।

10वीं कक्षा में टॉप करने वाले छात्र का नाम क्या है और उसने कितने अंक पाए?

पन्ना के सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 10वीं कक्षा में टॉप किया है। उन्होंने 500 में से 499 अंक हासिल किए, जो कि एक असाधारण उपलब्धि है।

नियमित और निजी छात्रों के पास प्रतिशत में क्या अंतर है?

नियमित छात्रों का पास प्रतिशत 73.42% रहा, जबकि निजी छात्रों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा और उनका पास प्रतिशत केवल 26.38% दर्ज किया गया। यह अंतर संसाधनों और नियमित शिक्षण की कमी को दर्शाता है।

बिना इंटरनेट के रिजल्ट कैसे चेक करें?

छात्र SMS के जरिए अपना रिजल्ट जान सकते हैं। 10वीं के लिए "MPBSE10 (रोल नंबर)" और 12वीं के लिए "MPBSE12 (रोल नंबर)" लिखकर 56263 पर भेजें।

कुल कितने प्रतिशत छात्र पास हुए हैं?

कुल मिलाकर, 10वीं कक्षा का पास प्रतिशत 73.42% और 12वीं कक्षा का पास प्रतिशत 76.01% रहा है।

अप्रैल 21, 2026 द्वारा Sudeep Soni

द्वारा लिखित Sudeep Soni

मैं एक वरिष्ठ पत्रकार हूं और मैंने अलग-अलग मीडिया संस्थानों में काम किया है। मैं मुख्य रूप से समाचार क्षेत्र में सक्रिय हूँ, जहाँ मैं दैनिक समाचारों पर लेख लिखने का काम करता हूं। मैं समाज के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग करता हूं और निष्पक्ष सूचना प्रदान करने में यकीन रखता हूं।

Ashish Gupta

वाह! प्रतिभा सिंह सोलंकी ने तो कमाल कर दिया 🚀 499/500 क्या बात है! सभी पास हुए बच्चों को बहुत-बहुत बधाई और जिन्होंने थोड़ा कम स्कोर किया है वो घबराएं नहीं, अभी तो पूरी जिंदगी बाकी है। बस मेहनत करते रहो और आगे बढ़ो! 🔥💪

Pranav nair

प्राइवेट बच्चों का रिजल्ट देखकर सच में बहुत बुरा लगा। 26% पास रेट बहुत कम है :( शायद सही गाइडेंस नहीं मिल पाती उन्हें।

Rashi Jain

प्राइवेट छात्रों के लिए जो पास प्रतिशत है वह वास्तव में चिंता का विषय है क्योंकि अक्सर ऐसे छात्र आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से होते हैं या काम के साथ पढ़ाई करने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण उन्हें नियमित स्कूल जैसे संसाधन नहीं मिल पाते, इसलिए सरकार को चाहिए कि वह उनके लिए ओपन स्कूलिंग के साथ-साथ कुछ मुफ्त ऑनलाइन ब्रिज कोर्स और मेंटरशिप प्रोग्राम्स शुरू करे ताकि भविष्य में इस अंतर को कम किया जा सके और हर छात्र को समान अवसर मिलें।

Dr. Sanjay Kumar

भाई साहब, सरकारी वेबसाइट्स का वही पुराना ड्रामा! जब भी रिजल्ट आता है, सर्वर ऐसे क्रैश होता है जैसे दुनिया खत्म होने वाली हो। डिजिटल इंडिया का मजाक बन जाता है जब हमें डिजिलॉकर पर निर्भर होना पड़ता है।

Arumugam kumarasamy

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग अभी भी बुनियादी शिक्षा के महत्व को नहीं समझते। निजी छात्रों का निम्न प्रदर्शन उनकी अपनी अनुशासनहीनता और पढ़ाई के प्रति उदासीनता का परिणाम है। यदि वे नियमित छात्रों की तरह समर्पित होते, तो परिणाम भिन्न होते।

Anirban Das

वही पुराना घिसा-पिटा सिस्टम है... 🙄

SAURABH PATHAK

अरे भाई, सबको पता है कि प्राइवेट वाले सिर्फ पास होने के लिए पढ़ते हैं, टॉप करने के लिए नहीं। और ये SMS वाला तरीका बहुत पुराना हो गया है, अब सब 5G यूज करते हैं।

Senthilkumar Vedagiri

ये सब नंबरों का खेल है भाई! मुझे तो लगता है कि कुछ खास बच्चों के नंबर बढ़ाए गए हैं ताकि सरकार की वाह-वाही हो सके। 😜 असली खेल तो पर्दे के पीछे होता है, तुम लोग बस वेबसाइट लोड होने का वेट करते रहो!

Suraj Narayan

जो लोग फेल हुए हैं, वो रोना बंद करें! यह अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। उठो और दोबारा तैयारी करो, री-इवैल्यूएशन का फॉर्म भरो और अगली बार दिखा दो सबको कि तुम क्या चीज हो! हार मानना कायरों का काम है! 💥

Raman Deep

सबको बहुत बधाई हो! 🎉 बस अपनी मेहनत जारी रखिये, सब अच्छा होगा 😇

Mayank Rehani

इस डेटा का पैरेलल एनालिसिस करें तो पता चलता है कि रिसोर्स एलोकेशन और लर्निंग आउटकम्स के बीच एक बड़ा गैप है। हमें पेडागॉजिकल अप्रोच बदलने की जरूरत है।

Anamika Goyal

प्रतिभा सिंह ने वास्तव में सबको प्रेरित किया है। क्या किसी को पता है कि उन्होंने इसकी तैयारी कैसे की होगी? ग्रामीण इलाकों से ऐसा स्कोर आना बहुत बड़ी बात है।

Prathamesh Shrikhande

बहुत खुशी हुई ये सब जानकर 😊 शुभकामनाएं! ❤️

Priyank Prakash

लो भाई, फिर से वही तमाशा शुरू! 🤣 कोई 499 ले आया और कोई 26% पर अटक गया। क्या गजब का मजाक है ये! मेरा तो रिजल्ट ही नहीं खुल रहा, लगता है किस्मत ही खराब है मेरी। 😭

shrishti bharuka

हाँ, बिल्कुल! सरकार बस नतीजे घोषित कर देती है, फिर ये बच्चे खुद ही सोचें कि अब आगे क्या करना है। बहुत ही 'कुशल' योजना है। 🙄

saravanan saran

शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। चाहे छात्र नियमित हो या निजी, असली ज्ञान जीवन के अनुभवों से आता है। अंकों की इस दौड़ में हम बच्चों की रचनात्मकता को भूलते जा रहे हैं। शांति से अपनी राह चुनें।